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Monday, 2 April 2018

व्यक्तित्व विकास - Personality Development

 व्यक्तित्व विकास - Personality Development 

इस लेख मे हमने Reader के लिए  व्यक्तित्व विकास - Personality Development  Improve करने के लिए तथा क्या है पर्सनालिटी डेवलपमेंट के मायने ? के बारे में जानकारी लेकर आए हैं !
 
 
 आशा करते है की  आपको हमारा यह  लेख पसंद आएगा !



 दोस्तोंआप तो जानते ही हैं - आज के इस भागती--दौड़ती जिंदगी के 21’वी सदी जहां आज का हर इंसान अपने आप को सब से बेहतर और अलग या यु कहे हर मायने मे सबसे अच्छा तथा आगे निकलने की होड़ मे लगा हुआ है, लोगो से आगे निकलने की होड़ मे लोग अपने ऊपर ही ध्यान देना बंद कर दिये है जिसके चलते हम हर जगह देखते है लोग काफी परेशांन तथा बीमार तथा काफी चिडचिडेपन के शिकार होते चले जा रहे है जिस से बचने के लिए हम ये भी देखते है की काफी जगह व्यक्तित्व विकास - Personality Development के कोर्स भी कराये जाते है जिसमे काफी लोग बढ़ चढ़ कर हिसा भी लेते है !

 लेकिन दोस्तों क्या आप जानते हैं --क्या है पर्सनालिटी डेवलपमेंट के मायने ? अगर नहीं तो आईये जानते है आज के इस भागदोड़ भरी जिंदगी मे व्यक्ति के सबसे अहम् पहलु  पर्सनालिटी डेवलपमेंट के मायने के बारे मे !


व्यक्तित्व विकास - Personality Development 

क्या है पर्सनालिटी डेवलपमेंट के मायने ?


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Personality Development

 पर्सनालिटी या व्यक्तित्व सबसे हम सब भली प्रकार से परिचित हैं. इस शब्द का प्रयोग हम अपने जीवन में किसी भी व्यक्ति के गुण या attributes के रूप में करते हैं. अक्सर ही हम यह कहते हुए पाए जाते हैं कि उस व्यक्ति की पर्सनालिटी बहुत अच्छी है या “क्या पर्सनैलिटी है!”

पर क्या सही मायने में हम इस शब्द के व्यापक रूप को समझ पाए हैं, पर्सनालिटी को अक्सर लोग शारीरिक आकर्षक या सुंदरता से जोड़कर देखते हैं, पर इस शब्द के व्यापक रूप को हम समझ नहीं पाए हैं ! पर्सनालिटी शब्द एक Latin शब्द persona से derive हुआ है, जिसका अर्थ होता है mask जिसका उपयोग रोमन लोग थियेटर मे काम करने के लिए और अलग-अलग किरदार निभाने के लिए करते थे ! इसका अर्थ तो यह हुआ कि पर्सनल्टी वही है जैसा हम दिखते हैं या दूसरों को नजर आते हैं ! पर्सनालिटी की संकुचित परिभाषा हुई---

 पर्सनालिटी सिर्फ शारीरिक गुणों से ही नहीं बल्कि विचारों और व्यवहार से भी मिलकर बनती है जो हमारे व्यवहार और समाज में हमारे समायोजन को भी निर्धारित करती है ! कोई भी व्यक्ति जन्मजात अच्छी पर्सनालिटी लेकर पैदा नहीं होता है बल्कि सफल होने के लिए अपने गुणों को विकसित करना पड़ता है ऐसे गुणों को जो दुसरो को प्रभावित करें साथ ही साथ अपने आप को डेवलप करें !

  शारीरिक रूप से सुंदर होना या इंटेलिजेंट होना व्यक्तित्व का सिर्फ एक ही पहलू है बल्कि अच्छी पर्सनालिटी के लिए ज्ञान का सही उपयोग करना और अपने gestures posture को उसके अनुरूप बनाना  आवश्यकता होता है !

 अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए पहली आवश्यकता है सही परसेप्शन क्योंकि आप वही देखते हैं जो आप देखना चाहते हैं ‘we see the things through our mind not through our eyes’. अपने Negative emotions से दूर रहना और inferiority complex को दूर करना, एसा बिल्कुल भी नहीं है कि अगर आप physically attractive नहीं है तो आपकी पर्सनल्टी अच्छी नहीं है ! मार्टिन लूथर किंग, गांधी जी, इत्यादि शारीरिक रूप से attractive नहीं थे, पर मानव जाति के लिए उनका व्यक्तित्व एक मिसाल है ! क्योंकि इन लोगों ने अपना negative emotions पर विजय पाई और खुद पर भरोसा किया negative emotion पर विजय पाने का उपाय है love yourself, feel good about yourself and make realistic life goals.

 अपने साथियों से बेहतर बनने की बजाए कोशिश करें कि अपने आप से बेहतर बने ! stress और fear दो बहुत ही बड़े कारण है जो हमारी पर्सनालिटी को पूरी तरह से  निखरने नहीं देते, अपने अंदर के डर को पहचानना और उस से मुक्त होने का प्रयास करना अत्यंत आवश्यक है ! सबसे बड़ा डर जो किसी भी व्यक्ति के मन में होता है वह है fear of failure जिसे बार-बार प्रयास करके ही दूर किया जा सकता है ! पॉजिटिव एटीट्यूड, सेल्फ कॉन्फिडेंस, सेल्फ मोटिवेशन और अच्छी बॉडी लैंग्वेज का इस्तेमाल करके अपनी पर्सनालिटी को डेवलप किया जा सकता है !

व्यक्तित्व में विचारों और व्यवहारों की भूमिका के साथ-साथ फिजिकल कैरेक्टरिस्टिक को नकारा नहीं जा सकता ! फिजिकल कैरेक्टरिस्टिक से अर्थ खूबसूरत चेहरे का नहीं बल्कि high level of energy, personal  hygiene की ओर activeness के साथ थी सही manners, how to speak and treat others knowledge होना अत्यंत आवश्यक है ! हमारी personality का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा हमारे पर्सनल रिलेशनशिप है ! किसी व्यक्ति का व्यक्तित्व इस बात से भी आका जा सकता है कि वह अपने पर्सनल रिलेशनशिप को किस प्रकार Manage करता है या उसमे कितना सफल रहा है !

 विख्यात Physiologist Hippocrates ने सबसे पहले पर्सनालिटी को चार भाग में बांटा था....

1.     SANGUINE,
2.     MELANCHOLIC,
3.     PHLEGMATIC,
4.     CHOLERIC.

 उनका मानना था कि Sanguine लोगों में ब्लड की मात्रा अधिक होती है तथा ये खुश रहते हैं और दूसरों को भी खुश रखते हैं तथा ज्यादा सोच विचार नहीं करते, Melancholic बहुत ही Systematic और Logical होते हैं हर चीज को सोच समझकर चलते हैं, Phlegmatic लोग शांत प्रवृत्ति के होते हैं किसी भी बात पर वे अधिक उत्तेजित नहीं होते और Choleric गुस्से वाले होते हैं उनके अंदर Leadership Quality भी अधिक होती है जिसके कारण वह दूसरों को Dominate करते हैं ! इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं की पर्सनालिटी की अपनी विशेषताएं है और इस दुनिया में  इन चारों प्रकार की आवश्यकता है ताकि संतुलन बना रहे ! हम सब में ये चारों Traits या Personality होती है, पर किसी में कोई गुण ज्यादा है तो किसी में कोई, और यह सब शारीरिक गुणों के कारण नहीं है बल्कि हमारी स्वाभाविक प्रवृत्ति के कारण है ! हमे एक दूसरे की पर्सनालिटी को पहचानना है और उसके हिसाब से एडजस्टमेंट करना है मान लीजिए कि आप Sanguine है तो जरूरी नहीं कि आपका साथी भी Sanguine हो, हो सकता है कि वह Melancholic हो या Choleric हो बल्कि अगर आप Sanguine तो हो सकता है कि आप अपने चंचल स्वभाव के कारण समझदारी से Decision ना ले पाए ऐसे में कोई Melancholic Personality वाला आपको बेहतर  गाइड  कर सकता है !

 हमें सामने वाले की पर्सनालिटी को भागते हुए react करना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति इस दुनिया में Unique है ! हमें हर प्रकार से व्यक्तित्व की रिस्पेक्ट करनी चाहिए और अपनी पर्सनालिटी डेवलप करने का निरंतर प्रयास करना चाहिए, क्योंकि “Personality is to Human as fragrance is to flower.”

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 आशा करता हूं दोस्तों आप सब को हमारा यह पाठ जरूर पसंद आया होगा और ऐसे ही रोचक और ज्ञान की बातों के बारे में जानने के लिए आप सब बने रहिए अपने ही Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” के साथ !

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                                                                                               ‘धन्यवाद’..!

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