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Tuesday, 3 April 2018

Success comes to the confident self ..!

नमस्ते दोस्तों

Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” मैं आप सब का तहे दिल से स्वागत है ! आज हम Gyanireader की तरफ से आप सबके लिए एक बहुत ही रोचक विषय ‘सफलता आत्मविश्वासी को मिलती है ’ के बारे में जानकारी लेकर आए हैं !

संसार मे कोई मनुष्य तब तक सफलता प्राप्त नहीं कर सकता, जब तक की उसके मन मे यह दृढ विश्वास न हो जिस काम को करना चाहता हु, उसमे अवश्य ही सफल बनूँगा !
कभी किसी मनुष्य को तब तक उसके कार्य मे सफलता प्राप्त नहीं हो सकती, जब तक की सफलता पर उसका दृढ विश्वास न हो !
एसे बहुत से व्यक्ति है, जिन्होंने अपने सपनो को पूरा करने मे इतने उत्साह और दृढ निश्चय से काम लिया की कोई उन्हें अपने उद्देश्य से हटा न सका ! और अंततः उन्होंने सफलता प्राप्त की ! क्योकी उन्होंने पूर्ण इस बात का स्वीकार कर लिया था की हमारा उद्देश्य हमसे अलग नहीं ! वह हमारे व्यक्तित्व का एक अभिन्न अंग है !
जितना हम अपनी योग्यता और कार्यसमता पर विश्वास करेगे, उतना ही हमारा जीवन सफल होगा और जितना हम अपनी योग्यता पर अविश्वास करेगे, उतना ही हम विजय से सफलता से दूर रहेगे !
संसार मे जो मनुष्य बड़े से बड़े काम करते हैं, उन सबमे उचे दर्जे का आत्मविश्वास होता है, अपनी शक्ति पर, पर और अपने कार्य पर !
दुनिया मे जितने बड़े बड़े अविष्कार हुए है, नई नई बाते निकली है, अद्भुत कार्य हो रहे है, सब दृढ विश्वास, लगन और अदम्य क्रियाशीलता के परिणाम है !
क्या आप जानते है की इन अविष्कारों के प्रणेताओ को कैसी-कैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा ? क्या आपको मालूम है की कई वर्षो तक उन्हें सफलता का कोई चिन्ह भी नहीं देखने को मिला, लेकिन फिर भी वे अपने उद्देश्य को नहीं छोड़ा, आत्मविश्वास से मुह नहीं मोड़ा ! अतत: उन्हें प्रकाश मिला अर्थात वे सफल हुए ! यदि वे अपना आत्मविश्वास गवा बैठते तो वे कभी सफलता प्राप्त न कर सकते ! वे अपने महान अद्भुत अविष्कारों से संसार को आश्चर्यचकित न कर पाते !
हर काम तभी सफल होता है, जब तक उसमे दृढ विश्वास का बल रहता है !
अर्थात इससे हमें ये पता चलता है की किसी भी सफल कार्य के लिए आत्मविश्वास ही कार्य का बल है ! उसके द्वारा हम मे शक्ति का एसा स्त्रोत फुट पड़ता है, जो कठिन से कठिन कार्य को भी आसानी से पूरा कर देता है !

आत्मविशवास मे वह शक्ति है, जो हजार विपतियो का सामना कर उन पर पूरी पूरी विजय प्राप्त कर सकती है ! यही मनुष्य का सच्चा मित्र और उसकी सबसे अच्छी पूंजी है !
हमने देखा है की साधनहीन होने पर भी आत्मविश्वासी मनुष्यों ने दुनिया मे गजब के काम किये है ! जबकि बहुत से साधन संपन्न व्यक्ति विश्वासहीनता के कारण बुरी तरह से असफल हुए है ! यदि हममे यह दृढ विश्वास है की बड़े से बड़े कार्य कर सकते है, दुनिया मे उलट फेर कर सकते है ! तो हम निसन्देह दुनिया मे बड़े बड़े काम कर सकते है !
हम देखते है की समाज मे बहुत से व्यक्ति अवनत, हीन दशा मे पड़े रहते है ! समाज मे सम्मान प्राप्त नहीं कर सकते ! इसका कारण यही है की वे अपने आप को हीन समझते है !
जैसा हम अपने आप को मानेगे, वैसा ही आदर्श हमारी आत्मा का बनेगा ! यह हो नहीं सकता की जैसा हम अपने आप को मानते है, उससे हम बढ़कर बन सके !
अल्प बुद्धि वाला आत्मविश्वासी उस बल –बुद्धि संपन्न व्यक्ति से अधिक कार्य कर सकता है, जिसे अपनी आत्मा पर विश्वास नहीं है !
संसार मे एसी कोई भी वस्तु नहीं है, जो मनुष्य को ऊचा उठावे, जो मनुष्यों को हिन् प्रकृति से रक्षा करे, जैसा की दृढ आत्मविश्वास है ! आत्मविश्वास हमारी दूसरी शक्तियों को भी प्रोत्साहन देता रहता है !
वह मनुष्य जिसका मन दृढ आत्मविश्वास और तीव्र अभिलाषा से भरा हुआ है ; वह तब तक चैन नहीं पा सकता, संतोष प्राप्त नहीं कर सकता, जब तक की वह अपने उदेश्य को पूरा न कर ले ! अवश्य ही एसा मनुष्य अद्भुत सफलता प्राप्त करेगा, चाहे कितनी ही कठिनाइया उसके मार्ग मे बाधक क्यों न हो !

हमारी मानसिक शक्तिया हमारे आत्मविश्वास और साहस पर निर्भर करती है ! वे हमारी दृढ इच्छाशक्ति के पूर्णतया अधीन है ! अत एव यदि हमारी इच्छाशक्ति कमजोर होगी, तो हमारी मानसिक शक्तियों का कार्य भी वैसा ही होगा !

अत: मनुष्य के लिए इससे और कोई अच्छी बात नहीं है की वह हमेशा यह मानता रहे की मेरे लिए सब कुछ अच्छा होगा ! जो कार्य हाथ मे लूँगा उसमे अवश्य ही मुझे सफलता मिलेगी ! 



आशा करता हूं दोस्तों आप सब को हमारा यह पाठ जरूर पसंद आया होगा और ऐसे ही रोचक और ज्ञान की बातों के बारे में जानने के लिए आप सब बने रहिए अपने ही Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” के साथ !

                                                                                                       धन्यवाद’..!


         

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