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Sunday, 5 August 2018

मदर टेरेसा की जीवनी - Mother Teresa Biography in Hindi

मदर टेरेसा

Mother Teresa Biography
 Mother Teresa

अपनी पूरी जिंदगी परोपकार और दुसरो की सेवा मे अर्पित करने वाली मदर टेरेसा एसे महान लोगो मे से एक है थी, जो सिर्फ दुसरो के लिए जीती थी ! संसार के तमाम दीन-दरिद्र, असहाय एव बीमार और गरीबो के लिए अपना पूरा जीवन समर्प्रित करने वाले मदर टेरेसा का असली नाम ‘अगनेस गोंझा बोयाजिजू’ था !

मदर टेरेसा का जन्म


मदर टेरेसा का जन्म २६ अगस्त १९१० मे स्र्काप्जे (मसेदोनिया) मे एक अल्बेनियाई परिवार मे हुआ था ! अल्बेनियन भाषा मे गोंझा का मतलब फुल की कली होता है ! उनके पिता निकोला बोयाजू एक साधारण व्यवसायी थे !

समाजसेवी मदर टेरेसा

Mother Teresa Biography
Mother Teresa 

१८ साल की उम्र मे उन्होंने सिस्टर्स आफ लोरेटो मे शामिल होने का फैसला किया, और फिर वो आयरलैंड चली गयी जहा उन्होंने अग्रेजी भाषा सीखी क्युकी लोरेटो की सिस्टर्स के लिए ये जरुरी था ! आयरलैंड से ६ जनवरी १९२९ को वह कोलकाता मे लोरेटो कान्वेंट पहुची ! और फिर १९४४ मे वे सेंट मैरी स्कूल की प्रधानाचार्या  बन गई थी !


एक कैथोलिक नन

मदर टेरेसा रोमन कैथोलिक नन भी थी ! मदर टेरेसा ने निर्मल ह्रदय और निर्मला शिशु भवन के नाम से आश्रम खोले, जिनमे वह असाध्य बीमारियों से पीड़ित रोगियों व् गरीबो की स्वयं सेवा करती थी ! जिसके चलते वे १९४६ मे गरीबो, असहयो, बिमारो और लाचार लोगो के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया ! और १९४८ मे उन्होंने स्वेच्छा से भारतीय नागरिकता ले ली थी !

मिशनरीज आफ चैरिटी की स्थापना

मदर टेरेसा को ७ अक्टूबर १९५० को वैटिकन से मिशनरीज आफ चैरिटी की स्थापना की अनुमति मिल गयी ! इस संस्था का उद्देश्य था समाज से बेघर और गरीब और बीमार लोगो की निस्वार्थ भाव से सहायता करना ! और मदर टेरेसा को उनके इस काम के लिए कई विविध पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया था !

पद्मश्री से सम्मानित

Mother Teresa Biography
Mother Teresa 

मदर टेरेसा जी को भारत सरकार उनके इस निस्वार्थ भाव से की जाने वाली सेवा को देखते हुए उन्होंने ने १९६२ मे उन्हें पद्मश्री से समानित किया ! इसी के साथ इन्हें १९७९ मे इन्हें नोबेल शांति पुरस्कार और १९८० मे भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया ! मदर टेरेसा ने नोबेल पुरस्कार की १९२,००० डालर की धन राशी गरीबो की सेवा के लिए फंड मे डाल दिया ! और उनकी इस सेवा भाव को देखते हुवे अमेरिका ने उन्हें १९८५ मे मेडल आफ फ्रीडम से नवाजा !

जीवन मे आई परेशानिया

मदर टेरेसा को परेशानियों का भी सामना काफी हद तक करना पड़ा, उनके जीवन की सबसे पहली और एक बड़ी समस्या का तब आई जब वह महज आठ साल की थी, तभी उनके पिता परलोक सिधार गए थे, जिसके बाद उनके लालन पालन की साडी जिम्मेदारी उनकी माता द्राना बोयाजू के ऊपर आ गयी ! मदर टेरेसा वह पांच भाई बहनों मे सबसे छोटी थी !
और इस के साथ जब वो अपने जीवन के अंतिम दौर मे थी तब भी उन्हें शारीरिक कष्ट के साथ मानसिक कष्ट भी काफी झेलनी पड़ी थी , क्योंकि उनके ऊपर कई तरह के आरोप लगाए गए थे ! उन पर गरीबो की सेवा करने के बदले उनका धर्म बदलवाकर ईसाई बनाने का आरोप लगा ! इतना ही नहीं भारत मे भी पच्छिम बंगाल जैसे राज्यों मे उनकी निंदा हुई ! उन्हें ईसाई धर्म का प्रचारक माना जाता था !


मदर टेरेसा का निधन

Mother Teresa Biography
Mother Teresa 

मदर टेरेसा जी की बढती उम्र के साथ-साथ उनका स्वास्थ्य भी गिरता चला गया ! १९८३ मे पॉप जॉन पॉल द्वितीय से मिलने के दौरान उन्हें पहली बार दिल का दौरा पड़ा ! १९८९ मे उन्हें दूसरा दिल का दौरा पड़ा और उन्हें कृत्रिम पेसमेकर लगाया गया !
मदर टेरेसा को १९९१ मे मेक्सिको मे उन्हें न्युमोनिया और ह्रदय की परेशानी हो गयी ! जिसके चलते उन्होंने १३ मार्च १९९७ को उन्होंने मिशनरीज आफ चैरिटी के मुखिया का पद छोड़ दिया और 5 सितम्बर, १९९७ को उनकी मृत्यु हो गयी !







आशा करता हूं दोस्तों आप सब को हमारा यह पाठ जरूर पसंद आया होगा और ऐसे ही रोचक और ज्ञान की बातों के बारे में जानने के लिए आप सब बने रहिए अपने ही Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” के साथ !


                                                                                         

                                                                                             ‘धन्यवाद’..!








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