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Tuesday, 23 October 2018

What Is #Me Too Movement -- #Me Too यौन उत्पीड़न की दर्द भरी दास्तान.!

#Me Too Movement

इस लेख मे हमने Reader के लिए #Me Too Movement से जुड़े सभी अहम मुद्दों के बारे मे जानकारी साझा कर रहे है, तथा यह आशा करते है की  reader के लिए #Me Too Movement पर यह लेख पसंद आएगा !

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Me Too Movement

#Me Too आंदोलन की असल शुरुआत 2006 मे हुई थी, लेकिन इस आंदोलन ने अक्टूबर 2017 मे जोर पकड़ा ! पर यह #MeToo  है क्या ?  क्यों इसे एक आंदोलन माना जा रहा है और इससे महिलाओं का क्या फायदा हो रहा है। यह सब हम आपको इस लेख में बताएंगे। 


क्या है #Me Too आंदोलन

Me Too यानि मै भी या मेरे साथ भी ! यह महिलाओ पर होने वाले यौन उत्पीडन, शोषण, और बलत्कार के खिलाफ महिलाओं द्वारा शुरू किया गया एक आंदोलन है ! जिसमे महिलाए #Me Too के साथ अपने ऊपर होनेवाले तथा हुए यौन उत्पीड़न, शोषण, और बलत्कार के खिलाफ अपनी कहानियाँ बता रही है ! #Me Too के साथ महिलाएं बता रही है कि उनकी जिंदगी मे कब किसी करीबी या प्रभावशाली व्यक्ति ने किस तरह उनके साथ यौन उत्पीड़न किया ! #Me Too के साथ महिलाए दशको पुराने मामलो से लेकर ताजा मामले सभी को सामने ला रही है !
#Me Too के साथ उन महिलाओ की कहानियाँ सबसे ज्यादा सामने आ रही है, जिनका वर्क प्लेस पर यौन उत्पीड़न किया गया !

#Me Too की शुरुआत

#Me Too की शुरुआत अमेरिका की सोशल एक्टिविस्ट और कम्युनिटी ऑर्गनाइजर तराना बर्फ ने सबसे पहले 2006 मे माइस्पेस नाम के सोशल नेटवर्क पर #Me Too का इस्तेमाल करते हुए अपनी कहानी लिखी थी ! जिसमे उन्होंने रंगभेद (अश्वेतरंग ) की शिकार महिलओं के साथ यौन उत्पीड़न की कहानी लिखी थी ! तराना बर्फ खुद एक सेक्शुअल असॉल्ट सर्वाइवर  है ! अपनी कहानी बया करते हुए उन्होंने यह भी बताया की किस तरह उनके साथ बचपन से लेकर बड़े होने तक तीन बार उनका यौन शोषण किया गया ! एक इन्टरव्यू के दौरान बर्फ ने बताया की Me Too यह शब्द उनके दिमाग मे उस समय आया जब एक 13 साल की बच्ची ने उन्हें बताया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ है, ,जिसे सुनने के बाद बर्फ के पास उस बच्ची को देने के लिए कोई जवाब ही नहीं थे !
लेकिन आज उनके इन दो शब्द Me Too ने एक आंदोलन का रूप ले लिया, जिसमें यौन शोषण पीड़ितो को यह अहसास दिलाने की कोशिश की गई की वे अकेली नहीं है !

Global स्तर पर #Me Too

#Me Too हाला की इस आंदोलन की शुरुआत 2006 मे ही हो गई थी, लेकिन यह ग्लोबल स्तर पर प्रचलन मे तब आया जब अमेरिकी एक्ट्रेस एलिसा मिलानो ने 16 अक्टूबर 2017 को ट्वीट करके Holywood के दिग्गज प्रड्यूसर हार्वी विस्टन पर यौन हमले और उत्पीड़न का आरोप लगाया था ! जिसके बाद एलिया के साथ 20 से भी ज्यादा एक्ट्रेस सामने आई और विस्टन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया ! एलिया के इस ट्वीट का असर यह हुआ की दिन ख़त्म होते-होते #Me Too के साथ दो लाख से ज्यादा ट्वीट किये गए और 17 अक्टूबर तक 5 लाख से ज्यादा ट्वीट हो चुके थे ! इसी के साथ फेसबुक पर 24 घंटे मे 47 लाख से ज्यादा लोगो ने अपनी 1 करोड़ 20 लाख पोट्स मे #Me Too का इस्तेमाल किया ! लाखो लोगो ने बड़ी तादात मे हैशटैग का इस्तेमाल किया और हजारो लडकियों ने अपने खिलाफ हुए यौन उत्पीड़न की कहानियाँ साझा की, जिसमे कई सारी दिग्गज अभिनेत्रिया भी शामिल थी !

#Me Too का असर

#Me Too की वजह से सबसे पहला असर Holywood इंडस्ट्री पर आया, जिसके बाद इसका असर धीरे-धीरे साइंस, पॉलिटिक्स, म्यूजिक इंडस्ट्री, तथा इसी के साथ अकैडमिक जैसे फिल्ड पर भी पड़ा ! इस तरह #Me Too के जरिये तमाम सफेदपोशों और समाज के सामने संत एवं संस्कारी छवी रखने वाले लोग जो अपनी इस साफ सुथरी छवी के आड़ मे महिलाओ के साथ किये जा रहे यौन उत्पीड़न एव अभद्र व्यवहार करने वाले कई लोगो की असलियत सामने आने लगी है !

भारत मे #Me Too

जिस समय #Me Too यह आंदोलन अधिक प्रचलन के रूप मे उभर रहा था उस समय इसका कुछ असर भारत मे भी देखने को मिला ! जिसमे #Me Too के दौरान कई महिलाओ ने बताया की कैसे उनके वर्क प्लेस पर उनका यौन उत्पीड़न किया गया ! लेकिन यह आंदोलन भारत मे सही मायने मे 25 सेप्टेम्बर 2018 को शुरू हुआ, जब Bolywood एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने एक्टर नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया ! जिसके बाद भारत की फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की तमाम महिलाए आगे आई और उन्होंने एक से एक दिग्गज कलाकारों का नाम लेते हुए कहा की उन्होंने काम देने के बहाने उनका यौन उत्पीड़न किया था ! हालांकि, यह बात दावे के साथ नहीं कही जा सकती कि इस हैशटैग के साथ जितने भी इल्ज़ाम लगाए गए, वो सारे सही ही हैं। तमाम महिलाओं ने सिर्फ कहानियां बताईं, लेकिन जिसे आरोपी बनाया, उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। भारत में भी ऐसा हुआ।
भारत मे इस मामले पर पहली सुनवाई 18 अक्टूबर 2018 को हुई थी ! पूर्व केन्द्रीय मंत्री एम.जे. अकबर पर कुछ महिलओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे जिसकी वजह से उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा इसके बाद यह मामला कोर्ट मे चला गया !

#Me Too आंदोलन का उद्देश्य


#Me Too इस आंदोलन का मुख्य मकसद महिलओं द्वारा कार्यस्थल, मार्केट, घर या किसी भी स्थान पर उनके साथ हुए अभद्र व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना है ताकि इस से अपराधियों को सबक मिले और फिर किसी के साथ एसी घटना दुबारा न हो !



आशा करता हूं दोस्तों आप सब को हमारा यह पाठ जरूर पसंद आया होगा और ऐसे ही रोचक और ज्ञान की बातों के बारे में जानने के लिए आप सब बने रहिए अपने ही Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” के साथ !

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Note :

 अगर आपके पास इस लेख से related नये या फिर कोई और भी जानकारी है तो आप सब हमें कमेन्ट के माध्यम से जरुर भेजे अच्छे लगने पर हम उसे इस लेख मे अवश्य शामिल करेगे !
                                                                                         

                                                                                             धन्यवाद’..!

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