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Sunday, 17 February 2019

Har Na Maan Ye Zindagi... (हार ना मान ए जिंदगी..|)

हार ना मान ए जिंदगी

किसी ने क्या खूब कहा है.. "जिंदगी मे गिरने से कभी मत डरो, क्योंकि उड़ते वही है जो गिरने की हिम्मत रखते है" |

जीवन मे हम सभी सफलता के सपने बहुत देखते है और उनके लिए कड़ी मेहनत भी करते है | लेकिन कई बार हमें बार-बार मिल रही नाकामयाबी से हम हार मान लेते है | या ये कहे की अपनी कमियों को पता कर एक बार और मेहनत कर उन्हें पूरा करने के बजाय, यह कहना ज्यादा बेहतर समझते है की शायद मेरी किस्मत ही ख़राब है, मेरे किस्मत मे ही नहीं है, भगवान् नहीं चाहता है की मे यह सब करु, वो मेरे साथ है ही नहीं, वो मुझसे नाराज है | इसलिए मे चाहे जितनी भी कोशिश क्यों ना करू मेरे से अब ये नहीं हो सकता किसी के भी मुख से एसी बात सुन यह कितनी हस्यात्मक सी लगती है | इतनी चालाकी से भगवान का नाम लेकर अपनी कमियों पर पर्दा डालने की कला कोई इनसे सीखे |

आज की कहानी हार ना मान ए जिंदगी को पढने के बाद आप सबको यकीन हो जाएगा की भगवान् हम सब के साथ हमेशा से ही थे, और है, तथा रहेगे | इसलिए हमें उन पे विश्वास करने की जरुरत है, ना की उन पर इल्जाम लगा के अपनी कमियों को छुपाने की |

एक दफे की बात है एक लड़का जो काफी गरीब परिवार से तालुक रखता था, वह गाँव से शहर आकर सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था, तथा उसने कुछ परिक्षाए दे चुका था तो वही अभी कुछ ओर देने बाकी थे | तभी एक दिन उसके जिंदगी मे एक पल ख़ुशी के भी आए और वह पल था की उसे एक Interview के लिए Call आया | Interview की खबर पाते ही वह खुश तो हो गया लेकिन यह ख़ुशी उसकी एक पल मे मानो ख़त्म सी हो गई, क्योंकि उसे अगली सुबह Interview के लिए दुसरे शहर मे जाना था, और उसकी समस्या ये थी की उसके पास Interview पर जाने के लिए पैसे नहीं थे, उसने अपने घर मे सब जगह ढूंढा तो इसे मुश्किल से जाकर 50 रूपये ही मिले

गरीब परिवार का लड़का, पढाई का खर्चा, शहर का खर्चा, और अब जब मौका मिला इन सब से निपटने का तो अब इसे समझ ना आ रहा था की अब क्यां करे ? पैसो का इंतजाम कैसे करे ? दोस्तों से पहले से ही बहुत उधार ले चुका था जिन्हें अभी तक लौटाया नहीं था, उन से ओर मांगेगे तो शर्म आएगी | और बस इस के बारे मे सोचते हुए  उसने पूरा दिन निकाल दिया और फिर अगली सुबह हिम्मत कर के उसने एक जोड़ी कपड़े अच्छे वाले साफ़-सुथरे निकाले और पहन कर के अपना सारा Document लेकर के Bus Stand की तरफ चल दिया | ये सोच कर के की कुछ ना कुछ तो कर लूगा या नहीं तो कोई ना कोई जुगाड़ तो हो ही जाएगा | इसी के साथ वह ऊपर वाले को धन्यवाद दे रहा था और उनसे बाते करते हुए पूछ भी रहा था की ये क्या कर दिया मेरे साथ ? और फिर इतना कह कुछ समय शांत हो गया और सोचने लगा शायद कोई ना कोई तो जान पहचान का तो मिल ही जाएगा, जिनसे लिफ्ट मिल जायेगी और मे पहुच जाऊंगा और अपना Interview अच्छे से देकर आ जाऊंगा | लेकिन यह सिर्फ उसकी सोच बन कर ही रह गई जब वह Bus Stand पर पंहुचा और काफी देर इंतजार करने के बाद भी उसे वहा कोई जान पहचान का नहीं मिला | और Bus से जाने के लिए तो इसे किराया चाहिए जो की इसके पास नहीं थे

अब यह निराश, परेशान, हताश और उदास होकर Bus Stand से बाहर आया, जिसे देख मानो इसका सारा सपना टूट सा गया हो, बाहर आते ही इसको सामने पास मे एक बड़ा सा मंदिर दिखा, फिर क्या था इसने सोचा डूबते को तिनके का सहाराक्यों ना इन्हीं से कुछ क्यों ना मांग ले | क्या पता इन्हें मेरी हालत पर तरस आ जाए और पूछ बैठे की बोलो तुम्हे मुझसे क्या चाहिए ? फिर क्या था, वह मंदिर की सीढ़िया चढ़ता है, अंदर जाता है, और प्रणाम करता है और साथ मे प्रणाम करते हुए ही बोल पड़ता है बस अब आप ही है जो बचा सकते हो मुझे इस समस्या से | इतना कह कर वह वापस जाते समय उत्तर कर सीढियों पर बैठ कर अपने जूते पहन रहा होता है तभी उसकी नजर पास मे बैठे एक फ़क़ीर पर पड़ती है जिनके कटोरे मे बहुत सारे पैसे पड़े होते है, जिसे देख लड़का फिर से मंदिर की तरफ मुड़ता है और भगवान् से कहता है वाह कमाल देखो जिसको चाहिए उसको दे नहीं रहे हो, और जिसको नहीं चाहिए उसको बहुत सारे दे रखे है पैसे | इस लड़के की सारी बाते वह फ़क़ीर भी सुन रहा था और वह समझ गया था की शायद यह लड़का किसी परेशानी मे है इसलिए भगवान् से इस तरह की बाते कर रहा है इसलिए फ़क़ीर ज्यादा देर ना करते हुए उस लड़के से पूछ बैठता है की क्या हुआ बेटा कोई परेशानी है, क्या मे तुम्हारी कोई मदद कर सकता हु ?

तो लड़का कहता है.. की बाबा आप क्या मदद करोगे हमारी आप तो खुद ही मांग कर के कमा रहे हो | लड़के की बात सुन कर
फ़क़ीर बाबा कहते है.. नहीं बेटा नहीं मे मांग करके नहीं कमा रहा हू | क्योंकि बेटा इस मंदिर मे जो भी आता है वह हमें इसलिए नहीं देकर जा रहा है की में मांग रहा हु, वो इसलिए देकर जा रहा है की उसे पूण्य कमाना है | मे तुम्हारी हो सके तो मदद कर सकता हु बेटा बात क्या है, किस बात से परेशान हो ? फ़क़ीर बाबा की इन सब बातो को सुन लड़का बाबा को बताता है की मुझे Interview के लिए जाना है, कम से कम 500 रूपये चाहिए और मेरे पास इतने पैसे नहीं है | लड़के की बात सुन फ़क़ीर बाबा कहते है बस इतनी सी बात, तुम मुझसे पैसे ले जाओ क्योंकि मुझे पैसों की ज्यादा जरुरत नहीं है और ना मोह है मे तो बस एक समय का खाना खाता हु, हा कुछ दिनों से बीमार हु इसलिए कुछ दवाईया चाहिए होती है, इसके अलावा बाकी पैसा मे खुद शाम को मंदिर के दान पेटी मे जाकर डाल देता हु | बाबा की बात सुन लड़का उनकी बातो का विश्वास कर लेता है और पैसे ले लेता है और पैसे लेने के बाद बोलता है बाबा मेरे पास जैसे ही पैसे आ जायेगे मे लौटने के लिए जरुर आऊंगा | बाबा बोलते है कोई बात नहीं बेटा मे यही बैठा हु इसके अलावा मेरा कोई दूसरा ठिकाना नहीं है |

पैसे मिलने पर लड़का खुश हो जाता है और जाकर Interview देता है | भाग्य से उसका Selection भी हो जाता है | खुश होकर जब वह शाम को वापस घर आ रहा होता है तभी उसे फ़क़ीर बाबा की याद आती है और कहता है आज मेरी जिंदगी का सबसे ख़ुशी का दिन है, और यह चमत्कार बाबा की मदद से ही हो पाया है जो आज के दिन मेरे लिए भगवान् बनकर आए, इसलिए पहले उन्हें यह खुशखबरी देकर उनका धन्यवाद करूँगा | इतना कह कर वह जब उस मंदिर के पास पहुँचता है तो देखता है की वहा का नजारा बदल चूका था |

वंहा बहुत सारी भीड़ जमा थी और उस भीड़ के करीब आकर लड़का पूछता है की क्या हो गया इतनी भीड़ किस लिए जुटी है यहाँ पर, तभी भीड़ मे से एक बन्दा कहता है, एक फ़क़ीर की मौत हो गई है | इतना सुनते ही वह भीड़ को छांटते हुए आगे पहुंचता है और सामने का नजारा देखते ही मानो उसके पैरो तले जमीन सरक गई हो | वह एकदम स्तभ हो जाता है | क्योंकि ये वही फ़क़ीर बाबा थे जिन्होंने इस लड़के की सुबह मदद की थी | अब लड़के को समझ नहीं आ रहा था की वे नौकरी मिलने की ख़ुशी मनाए या फ़क़ीर बाबा के मरने का गम | तभी इन्ही भीड़ मे से एक व्यक्ति कहता है की इन्होने आज दवाई नहीं ली थी शायद इनके पास पैसे नहीं रहे होंगे, जिसकी वजह से ये चल बसे | तभी पीछे से एक कड़वी आवाज मानो पुरे भीड़ को चीरते हुए आती है.. की अच्छा हुआ मर गया भिखारी ही तो था वैसे भी ये किसी काम के नहीं होते |

ये सब सुनने के बाद लड़का अंत मे ऊपर वाले को याद करता है और कहता है वाह रे ऊपर वाले एक इंसान किसी की जिंदगी बनाने के लिए खुद की जिंदगी दाव पर लगा कर चला गया |

ये छोटी सी कहानी हमें तीन बाते सिखाती है...

1. भरोसा रखो जब आप को लगता है की जिंदगी मे कुछ नहीं हो सकता | तब कही ना कही से आप को मदद जरुर मिलेगी | क्योंकि ऊपर वाला शायद किसी को नहीं मालुम, शायद आप को भी की ये कब आप को या किस ओर को किसी के लिए ऊपर वाला बना कर भेज दे | इस लिए हमेशा दुसरो पर विश्वास रखो, उनकी मदद करो क्योंकि हम जब मदद करेगे तभी एक दुसरे की मदद करते हुए आगे बढ़ पायेगे |

2. चमत्कार केवल उन लोगों के लिए होता है जो कभी हार नहीं मानते है |

3. आज का दिन जिओ, क्या पता कल हो ना हो |





आशा करता हूं दोस्तों आप सब को हमारा यह पाठ जरूर पसंद आया होगा और ऐसे ही रोचक और ज्ञान की बातों के बारे में जानने के लिए आप सब बने रहिए अपने ही Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” के साथ !

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Note :

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                                                                                             धन्यवाद’..!

1 comment:
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  1. Really Bahut achhi story thi.
    Ise padhne ke baad ab mujhe apne halato se koi sikayat nahi hai.
    Me ab kaafi achha mahsus kar rara hu. Thanks gyanireader.

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