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Wednesday, 27 February 2019

Pulwama attack and reply पुलवामा हमला और जवाब..|

पुलवामा हमला और जवाब

 Pulwama attack and reply


1.        सोफ्ट्नेस से हार्डनेस की तरफ अग्रसर होता भारत |
2.        बदले का प्लान ऑपरेशन 360 डिग्री |
3.        Air Strikes बदला हिन्दुस्तान का |
4.        कैसे दिया ऑपरेशन को अंजाम ?
5.        Air Strikes की असल वजह |
6.        आसियान देशो को दी स्ट्राइक की जानकारी |
7.        मुख्य टारगेट बालाकोट |
8.        Air Strikes के लिए DASSAULT MIRAGE – 2000 ही क्यों ?
9.        INDIAN AIR FORCE मे DASSAULT MIRAGE – 2000 की भूमिका |
10.     Air Strikes मे तैनात Aircraft |

1.        सोफ्ट्नेस से हार्डनेस की तरफ अग्रसर होता भारत |

भारत और पाकिस्तान के हुए बटवारे के बाद दोनों देशो के बीच दो युध्दों     और  एक सिमित युध्द कारगिल हुए | दरअसल इसकी शुरुआत सिंधु जल संधि अमल मे आने के पांच साल बाद ही पकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर पर 1965 मे हमला कर शुरू कर दिया  तथा तब से पकिस्तान आतंकवाद और सेना दोनों का इस्तेमाल भारत के विरूध्द कर रहा है |  लेकिन पकिस्तान का आतंकवाद को  लेकर जिस तरह का रवैया रहा है तथा वर्तमान मे अब भी है उसकी वजह से मजबूर होकर भारत सोफ्ट्नेस से हार्डनेस की तरफ अग्रसर हो रहा है | जिसे हम URI मे हुए सर्जिकल स्ट्राइक और हाल ही मे हुए पुलवामा आतंकी हमले के विरुध्द मे Air Strikes जिसे सर्जिकल स्ट्राइक-2 नाम भी दिया जा रहा है से देख सकते है |


2.        बदले का प्लान ऑपरेशन 360 डिग्री” |

 पुलवामा मे हुए आतंकी हमले मे शहीद हुए जवानो की मौत का बदला लेने   तथा आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने एक ऑपरेशन तैयार किया है जिसका नाम ऑपरेशन 360 डिग्री रखा गया है | इस ऑपरेशन मे पाकिस्तान की सरपरस्ती मे पल रहे आतंकियों का जड़ से सफाया करना है |
 पुलवामा हमले के बाद भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने यह खुलेआम घोषणा कर दिया की आतंकवादियों ने बहुत बड़ी गलती कर दी है, जिसकी सजा उन्हें मुकम्मल रूप से दी जायेगी | लेकिन ये सजा कहा दी जायेगी, कब दी जायेगी, कैसे दी जायेगी यह सब सेना तय करेगी | जिसके बाद 14 फरवरी को जम्मु और कश्मीर के पुलवामा मे हुए इस आतंकी हमले का बदला लेने के लिए 15 फरवरी को कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी जिसमे सरकार ने इस बार आतंकवादियों के खिलाफ कड़े एक्शन का फैसला किया था | इसके लिए केंद्र सरकार ने 15 फरवरी से ऑपरेशन 360 डिग्रीप्लान पर काम करना शुरू कर दिया | इस प्लान मे भारतीय थल सेना, वायु सेना और जल सेना तीनो को शामिल किया गया | इसी दिन वायु सेना चीफ बी.एस  धनवा ने सरकार के सामने हवाई हमले का प्रस्ताव रखा | इसके बाद 16 20 फरवरी के बीच वायुसेना और थल सेना ने ड्रोन से LOC  का सर्विलांस किया |
 20-22 फरवरी के बीच वायुसेना ने ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ मिलकर हमले का टारगेट फिक्स किया | इसी बीच NSA अजित डोवाल के सामने हवाई हमले के विकल्प रखे गए | जिसके बाद 22 फरवरी को वायुसेना के 1 स्कवाड्रन टाइगर ,  7 स्कवाड्रन बैट्रल एक्स को टारगेट के लिए तैयार किया गया | इसके साथ 22 फरवरी को बठिंडा Air Base के जेट्स  और आगरा Air Base के मिड एयर रिफ्युलर के साथ मध्य भारत मे ट्रायल रन किया गया |
 इसके आलावा किसी भी विपरीत हालत का सामना करने के लिए ऑपरेशन बी Air Borne Warning and Control System  (AWACS) के लिए SUKHOI SU – 30 MKI और MIKOYAN MIG – 29 जैसे विमान भी तैयार किये गए थे क्योंकि यह भारतीय सैन्य शक्ति का ऐसा मिशन था जिसके पल-पल की तैयारी काफी संयम के साथ की गई थी |

 3.        “Air Strikes” बदला हिन्दुस्तान का |

 पुलवामा आतंकी हमलो मे शहीदों के 12 वे दिन पर भारतीय वायु सेना के 12 DASSAULT MIRAGE – 2000 ने शहीदों के 13 वी पर पकिस्तान मे खाइबर पकठुक्वा के बालाकोट, चकोटी और पी ओ के मे घुसकर Air Strikes कर 1 करोड़ 70 लाख रुपए के लेजर गाइडेंड बम द्वारा पकिस्तान मे कम से कम 7 आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया | आतंकी ठिकानों पर वायुसेना के हमले मे 200 से 300 आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट है | Air Strikes के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ठिकानों पर हमला कर उसके बड़े आतंकी ट्रेनर, सीनियर कमांडर, और जिहादी मारे दिए गए | इस Strikes को सफलतापूर्ण अंजाम देते हुए पुलवामा मे हुए आतंकी हमले मे शहीद हुए जवानो का भारत ने बदला ले लिया है |


4.        कैसे दिया ऑपरेशन को अंजाम ?

  पुलवामा आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद NSA अजित डोभाल ने वायुसेना, NTRO, RAW और तमाम एजेंसियों के साथ बेहतर ताल मेल के बीच इस बड़े ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया |
 वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक़ भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमांड ने इस पुरे ऑपरेशन को अंजाम दिया | पकिस्तान को जब समझ आया की भारतीय लड़ाकू विमान बमबारी कर रहे है तो पाकिस्तान के लड़ाकू विमान एफ-16 ने शुरुआत मे उड़ान तो भरी, लेकिन भारतीय वायुसेना के विमानों के बड़े फार्मेशन को जानने के बाद वह वापस लौट आए |
 पकिस्तान मे जैश- ए मोहम्मद के अड्डो पर अटेक के लिए भारतीय वायुसेना के 12 DASSAULT MIRAGE – 2000 फाईटर जेट्स ने 1000 किलो लेजर गाइडेंड बम गिराए |
  इस ऑपरेशन को अंजाम देने के दौरान पाकिस्तानी एयर स्पेस मे सर्विलांस के लिए भटिंडा एयर बेस से Air Borne Warning and Control System  (AWACS) को तैनात किया गया था |
  इस ऑपरेशन मे पाकिस्तानी एयर फील्ड मे सर्विलांस के लिए हेराँन निगरानी ड्रोन को भी तैनात किया गया था |
  पुरे ऑपरेशन के दौरान 3 SUKHOI SU – 30MKI फाइटर जेट्स भारतीय सीमा मे उड़ान भर रहे थे ताकी पकिस्तान के तरफ से कोई जवाबी कारवाई का मुहतोड़ जवाब दिया जा सके इसके अलावा 5 MIKOYAN – MIG-29 फाइटर जेट्स को आदमपुर एयर बेस पर Emergency Situation के लिए हाई अलर्ट पर तैनात रखा गया था |
  इन सारी तैयारियों के बीच DASSAULT MIRAGE – 2000  फाइटर जेट्स रात करीब 3:30 बजे पाकिस्तान की एयर फिल्ड मे दाखिल हुए और 21 मिनट के Air Strikes कर पाकिस्तानी सरपरस्ती पर बने आतंकी अड्डो को ध्वस्त कर वापस लौट आए |
 ये आतंकी कैंप घने जंगलो मे एक पहाड़ी पर था जो आबादी वाले इलाके से काफी दूर थे |    
 इस Air Strikes के दौरान इस बात का ख़ास ख्याल रखा गया की इस हमले मे आम लोगो को कोई नुकसान ना हो, क्योंकि क्रोध अपनी जगह, प्रतिरोंध अपनी जगह, और प्रतिशोध भी अपनी जगह, और ऐसा कर भारत ने इस मौके पर भी अपनी वैश्विक जिम्मेदारी का निर्वाह बखुभी किया है |

5.        Air Strikes की असल वजह |

  सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट कमिटी की मीटिंग के बाद भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया की जैश ए मोहम्मद पकिस्तान मे पिछले 20 साल से आतंकी साजिश रच रहा है | जैश सरगना मसूद अजहर अंतराष्ट्रीय आंकवादी है | जैश 2001 मे भारतीय संसद पर आतंकवादी हमले और जनवरी 2016 मे   पठानकोट हमले मे शामिल रहा है | पकिस्तान को इस आतंकी संगठन के बारे मे कई दफा कई जानकारी दी गई थी इसके अलावा पकिस्तान से जैश के खिलाफ करवाई की लगातार मांग भी भारत करता रहा है | लेकिन पाकिस्तान उसके खिलाफ कोई भी कारवाई नहीं कर रहा है | पकिस्तान की सरपरस्ती मे बिना पकिस्तान के सरंक्षण के सैकड़ो जिहादी पैदा नहीं हो सकते है | इसके अलावा गोखले ने कहा की हमारे पास विश्वसनीय सुचना थी की पुलवामा आतंकी हमले के बाद जैश ए- मोहम्मद देश के दुसरे हिस्सों मे आत्मघाती हमले की फिर से तैयारी कर रहा था जिसके लिए फिदायीनो को प्रशिक्षण दिए जा रहे थे | जिसे रोकने के लिए फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करना जरुरी हो गया था और इस स्ट्राइक को भारतीय वायुसेना द्वारा अंजाम देना एक अच्छी रणनीति मानी जा रही थी और यह रणनीति Air Strikes के रूप मे सफल भी हुई | इस हमले के दौरान जैश के कई बड़े आतंकी ट्रेनर, सीनियर कमांडर और जिहादी मारे गए |

6.        आसियान देशो को दी स्ट्राइक की जानकारी |

 भारत द्वारा किये गए Air Strikes के बाद भारत ने अमेरिका, रूस, चीन,    आस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, तुर्की, ब्रिटेन, तथा छः आसियान देशो के राजनयिक को  भी विदेश सचिव विजय गोखले ने नियंत्रण रेखा के पार बालाकोट मे की गई भारतीय वायु सेना की कारवाई के बारे मे जानकारी देते हुए कहा की ये एक एंटी-टेरर ऑपरेशन था ना की मिलिट्री ऑपरेशन |
 आतंक के खिलाफ इस सबसे बड़े ऑपरेशन के बारे मे हर बड़े देश को भारत ने बुलाकर बता दिया जिसमे यह बात साफ़ है की भारत युध्द नहीं चाहता लेकिन आतंकवादियों को बर्दाश नहीं करेगा | इसके साथ यह बात भी भारत ने पूरी दुनिया को समझा दी है की अगर आतंकवाद के खिलाफ पकिस्तान कोई एक्शन नहीं लेता तो हम एक्शन लेगे और ऐसा आगे भी करते रहेगे |

7.        मुख्य टारगेट बालाकोट |

 Air Strikes के दौरान वायुसेना का मुख्य टारगेट बालाकोट ही था क्योंकि पकिस्तान का यह बालाकोट साल 2001 से ही जैश ए- मोहम्मद का सबसे बड़ा टेरर ट्रेनिंग कैंप बना हुआ था | इसी के साथ बालाकोट ऑपरेशन मे मुख्य   टारगेट पर मसूद अजहर का पूरा खानदान भी रहा है | जिसमे इब्राहिम अजहर, मसूद अजहर का बड़ा भाई, मुफती असगर खान जो जैश ए- मोहम्मद के कश्मीर मे हुए आतंकी हमलो का इंचार्ज था, तल्हा शैफ जो मसूद अजहर का भाई था, मौलाना अम्मार के साथ सबसे बड़ा टारगेट युसूफ अजहर था जो मसूद अजहर का साला और बालाकोट ट्रेनिंग कैंप का इंचार्ज भी था, वही आत्मघाती हमला के लिए हमलावरो को तैयार किया करता था | इसी के साथ यह युसूफ अजहर कांधार हाइजैक कांड का भी गुनेहगार था | जिसमे IC814 की fLIGHT को अघवा कर मसूद अजहर को छुड़वाया गया था |
 1999 मे भारत से रिहाई के बाद मसूद ने पकिस्तान मे बालाकोट को ट्रेनिंग कैंप बनाया यह जैश के गठन के बाद टेरर ट्रेनिंग के लिए पहला कैंप था | 2005 मे पवरेज मुशर्रफ ने इस इलाके को रेड जोन बताया था क्योंकि अब यहाँ आतंकवादियों के अड्डे हुआ करते थे |
  ख़ुफ़िया एजेंसियों के मुताबिक़ भारत मे आत्मघाती हमलो को अंजाम देने के लिए जैश ए- मोहम्मद बालाकोट मे ही आतंकवादियों को तैयार करता था | बालाकोट के जैश के इन सबसे बड़े टेरर ट्रेनिंग कैंप को खुद जैश का सरगना मसूद अजहर और उसका भाई अब्दुल रऊफ असगर सुपरवाइज करता था |
 पठानकोट आतंकी हमले की चार्टशीट मे बालाकोट का जिक्र जैश के सबसे बड़े  टेरर  ट्रेनिंग कैंप के रूप मे किया गया है |
 साल 2001 मे जम्मू – कश्मीर विधान सभा मे परिषद मे हुए आतंकवादी साजिश भी बालाकोट मे जैश के टेरर कैंप मे ही रची गई थी |
इसके बाद हुए पुलवामा हमले की योजना बनाने से लेकर हमलावर आतंकी को ट्रेनिंग देने तक का काम बालाकोट मे ही हुआ था |
 भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को पता चला था की जैश पुलवामा जैसे हमलो को अंजाम देने की फिर से फिराक मे है, जिसकी साजिश भी बालाकोट मे ही रची जा रही है |   
 और यही वजह है की भारतीय वायु सेना 48 साल बाद सबसे बड़े पराक्रम को दिखाते हुए 12 DASSAULT MIRAGE – 2000 के जब पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तानी एयर फील्ड मे दाखिल हुए तो उनका प्राइम टारगेट बालाकोट मे जैश का सबसे बड़ा आतंकी अड्डा ही था जिसे पूरा करने के लिए भारतीय वायु सेना के DASSAULT MIRAGE – 2000 LOC से करीब 80 किलोमीटर दूर बालाकोट मे घुसकर आतंकी अड्डो को ध्वस्त कर आतंकवादियों को उनके ही अंदाज मे जवाब दिया | जिसमे तक़रीबन 200 से 300 के करीब आतंकियों के मारे जाने की रिपोर्ट है | जिसमे जैश के कई बड़े आतंकी ट्रेनर, सीनियर कमांडर और जिहादी मारे गए |

8.  Air Strikes के लिए DASSAULT MIRAGE – 2000 ही क्यों ?

  DASSAULT MIRAGE – 2000 यह Franch Multirol Single Engine Forth Generation Fighter Air Craft है | जिसे Franch Company DASSAULT AVIATION ने Manufactureकिया है | दुनिया भर के सबसे ताकतवर Fighter Air Craft के list मे DASSAULT MIRAGE – 2000 यह 10 वे नंबर पर है | DASSAULT MIRAGE – 2000 2445 kmph की Top Speed से उड़ान भर सकता है | इसके अलावा इस की एक खासियत यह है की यह जो Altitude Area होते है वहा पर भी DASSAULT MIRAGE – 2000, 1000 kmph से अधिक रफ़्तार को maintain करता है | इसी के साथ इसकी खासियत यह भी है की यह जमीन पर भारी बम बारी करने के साथ – साथ हवा मे भी हवा   मे दुश्मन के फाइटर जेट्स को मारकर गिरा सकता है |
   DASSAULT MIRAGE – 2000 यह किसी भी तरह के मौसम मे उड़ान भर सकता   है | DASSAULT MIRAGE – 2000 यह एक बार मे 17,000 किलो Warheads (हथियार) लेकर उड़ान भर सकता है | DASSAULT MIRAGE – 2000 की Range (मारक क्षमता) 1480 km से 1550 km तक है | DASSAULT MIRAGE – 2000 मे 9 हार्ड पॉइंट्स है तथा इसी के साथ यह voice recognition system से लेस है यानी इसे आवाज से भी नियंत्रित किया जा सकता है | यह लेजर गाइडेड बम दागने मे भी सक्षम है | इसके अलावा यह 30-MM फायरिंग सिस्टम से भी लैस है | DASSAULT MIRAGE – 2000 यह हवा से हवा में मार करने वाले हथियारों में एमआईसीए मल्टी गेट एयर-टू-एयर इंटरसेप्ट और कॉम्बैट मिसाइलों से भी लैस है | इसके साथ यह मल्टीपल टारगेट अटैक यानी एक साथ दो  टारगेट को निशाना बनाने मे भी सक्षम है | DASSAULT MIRAGE – 2000 मे  अत्याधुनिक रडार सिस्टम लगे है जिसको दुश्मन देश की सेना जाम नहीं कर सकती है | इसके अलावा DASSAULT MIRAGE – 2000 की एक सबसे खास बात ये है जो इसे सबसे अलग करती है वो यह है की किसी भी आपातकाल की स्थिति मे DASSAULT MIRAGE – 2000 को किसी भी हाइवे पर भी उतारा जा सकता है | अपने इस काबिलियत का प्रदर्शन DASSAULT MIRAGE – 2000 ने 21 मई 2015 को दिल्ली के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर Landing Drill को   सफलता पूर्वक अंजाम देकर कर चूका है |

9. INDIAN AIR FORCE में DASSAULT MIRAGE – 2000 की भूमिका

   हाल ही मे भारतीय वायु सेना द्वारा पुलवामा आतंकी हमले के विरुध्द किये गए Air Strikes मे DASSAULT MIRAGE – 2000 का प्रयोग कर पाकिस्तान मे आतंकवादियों के अड्डो को ध्वस्त कर आतंकवादियों को मुहतोड़ जवाब दिया गया | बता दे की भारतीय वायु सेना द्वारा DASSAULT MIRAGE – 2000 का इस्तेमाल यह दूसरी बार किया गया है | इससे पहले इसका इस्तेमाल सन 1999 मे भारत – पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युध्द मे भी किया जा चूका  है |
   कारगिल युध्द के दौरान भारतीय वायु सेना ने ऑपरेशन "सफ़ेद सागर" चलाया था | जिसमे भारतीय वायु सेना ने सबसे पहले अपने MIG-21, MIG-23, और MIG-27 फाइटर जेट्स को उतारा था, लेकिन बड़ा फायदा ना होता देख 30 मई 1999 को भारतीय वायु सेना ने उस समय अपने सबसे ताकतवर DASSAULT MIRAGE – 2000 से उड़ान भरी | इस युध्द मे दो DASSAULT MIRAGE – 2000   फाइटर जेट्स ने कुल 514 उड़ाने भर दुश्मन के अड्डो को तबाह कर एक अहम्  भूमिका अदा किया था |
  भारत ने 80 के दशक मे पहली बार October 1882 मे कुल 36 DASSAULT MIRAGE – 2000 का Order दिया था | और 29 जून 1985 को 7 DASSAULT MIRAGE – 2000 फाइटर जेट्स की Delivery के साथ भारतीय वायु सेना फ्रांस  के बाद दूसरी वायु सेना थी जिसके पास DASSAULT MIRAGE – 2000 फाइटर   जेट्स थे |
  कारगिल युध्द मे DASSAULT MIRAGE – 2000 की ताकत से प्रभावित होकर   भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना के बेड़े मे DASSAULT MIRAGE – 2000 की  संख्या बढाने का फैसला लिया और साल 2015 मे Upgraded DASSAULT  MIRAGE – 2000 को भारतीय वायु सेना को सौप दिया गया |

10.  Air Strikes मे तैनात Aircraft .

 MIKOYAN – MIG-29

 MIG-29  यह Twin – Engine Jet Fighter Aircraft है | इसे Soviet Union Mikoyan – Gurevich ने Design किया है | इस Aircraft को भी काफी बड़े पैमाने पर 1999 के कारगिल युध्द के दौरान इस्तेमाल किया गया था | इसकी Maximum Speed 2,400 kmph है तथा इसकी Range 1,430 km है |

 SUKHOI SU – 30 MKI

  यह Twin Jet Multirole Air Superiority Fighter Aircraft है, जिसे   Russia’s company Sukhoi ने Designed किया है | तथा इसे   Hindustan Aeronautics Limited द्वारा Manufacturer किया गया है | इस Aircraft की Maximum Speed 2,120 kmph है, तथा इसकी Range 3000 km तक है |




आशा करता हूं दोस्तों आप सब को हमारा यह लेख जरूर पसंद आया होगा और ऐसे ही रोचक और ज्ञान की बातों के बारे में जानने के लिए आप सब बने रहिए अपने ही Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” के साथ !



                              संतोष कुमार पासी 
                         Civil Service Aspirant (UPSC)
                                 संस्थापक सदस्य 
                     आभास महासंघ मिशन 24 कैरेट (NGO)
                           [एक कदम मानवता की ओर]
                             Cont.. 9137207484




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                                                                                             धन्यवाद’..!













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