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Monday, 15 April 2019

Legal Rights.. (क़ानूनी अधिकार)


क़ानूनी अधिकार


इस लेख मे हमने Reader के लिए कुछ चुनिंदे Legal Rights.. (क़ानूनी अधिकार) के बारे मे जानकारी दिए है, तथा यह आशा करते है की  reader के लिए Legal Rights.. (क़ानूनी अधिकार) पर साझा की गई जानकारी यह भी पसंद आएगा !



क़ानूनी अधिकार

Legal Rights

     
1.
  पुलिस अफसर FIR लिखने से मना नहीं कर सकते, ऐसा करने पे उन्हें 6 महीने से 1 साल तक की जेल हो सकती है |

      भारतीय दंड संहिता 166 A (IPC Section 166 A)


      2.  कोई भी शादिशुदा व्यक्ति किसी अविवाहित लड़की या विधवा महिला से उसकी सहमती  से शारीरिक संबध बनाता है तो यह अपराध की श्रेणी मे नहीं आता है |

      भारतीय दंड संहिता व्यभिचार, धारा 498



      3. किसी भी महिला को शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 बजे से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है |

       अपराधिक प्रकिया संहिता, सेक्शन 46


      4.   कोई भी होटल चाहे वो 5star  ही क्यों ना हो आपको फ्री मे पानी पीने और washroom का इस्तेमाल करने से नहीं रोक सकता है |

      भारतीय सरिउस अधिनियम 1887


      5.   यदि दो वयस्क लड़का या लड़की अपनी मर्जी से लिव इन रिलेशनशिप मे रहना चाहते है तो यह गैर कानुनी नहीं है | इसके अलावा इन दोनों से पैदा होने वाली संतान भी गैर कानुनी नहीं है इसके अलावा संतान को अपने पिता की संपति मे हक़ भी मिलेगा |

       घरेलु हिंसा अधिनियम 2005


      6.  एक पुलिस अधिकारी हमेशा ही ड्यूटी पर होता है चाहे उसने यूनिफार्म पहनी हो या नहीं | यदि कोई व्यक्ति इस अधिकारी से कोई शिकायत करता है तो वह यह नहीं कह सकता की वह पीड़ित की मदद नहीं कर सकता क्योंकि वह ड्यूटी पर नहीं है |

       पुलिस एक्ट 1861


       7.   कोई भी कंपनी गर्भवती महिला को नौकरी से नहीं निकाल सकती, ऐसा करने पर अधिकतम 3 साल तक की सजा हो सकती है |

       मातृत्व लाभ अधिनियम 1961


       8.    टैक्स उल्लघन के मामले मे कर वसूली अधिकारी को आपको गिरफ्तार करने का अधिकार है लेकिन गिरफ्तार करने से पहले उसे आपको नोटिस भेजना पड़ेगा | केवल टैक्स कमिश्नर यह फैसला करता है की आपको कितनी देर तक हिरासत मे रखना है |

       आयकर अधिनियम, 1961


       9.     मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 मे वाहन चालको को हेलमेट लगाने का प्रावधान है | मोटर वाहन अधिनियम की धारा 128 मे बाइक पर दो व्यक्तियों का बैठने का प्रावधान है | लेकिन ट्रेफिक पुलिस के द्वारा गाडी या मोटर साइकिल से चाबी निकालना बिलकुल ही गैर कानुनी है इसके लिए आप चाहे तो उस कांस्टेबल / अधिकारी के खिलाफ कानुनी कार्यवाही भी कर सकते है |

      मोटर वाहन अधिनियम


       10.  बहुत ही कम ही लोग इस बात को जानते है की यदि उनका गैस सिलेंडर खाना बनाते समय फट जाए तो आप जान और माल की भरपाई के लिए गैस कंपनी से 40 लाख रुपये तक की सहायता के हकदार है |

      Public Liability Policy के तहत


       11.   आपको या जानकार अचरज होगा की यदि आप किसी कंपनी से किसी त्यौहार के मौके पर कोई गिफ्ट लेते है तो यह रिश्वत की श्रेणी मे आता है | इस जुर्म के लिए आपको सजा भी हो सकती है |

      विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) 2010


      12.  यदि आपका किसी दिन चालन बिना हेलमेट के या किसी अन्य कारण से काट दिया जाता है तो फिर दुबारा उसी अपराध के लिए आपका चालान नहीं काटा जा सकता है |

      मोटर वाहन संशोधन विधेयक, 2016


       13.   यदि आपका आफिस आपको सैलरी नहीं देता है तो आप उसके खिलाफ 3 साल के अंदर कभी भी रिपोर्ट दर्ज करा सकता है | लेकिन यदि आप 3 साल के बाद रिपोर्ट करते है तो आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा |

      परिसीमा अधिनियम, 1963


      14.  यदि आप सार्वजनिक जगहों पर अश्लील गतिविधि मे संलिप्त पाए जाते है तो आपको 3 महीने तक की कैद भी हो सकती है | परंतु अश्लील गतिविधि की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं होने के कारण पुलिस इस कानून का दुरूपयोग करती है |

     भारतीय दंड सहिता की धारा 294


      15.    यदि आप हिन्दू है और आपके पास आपका पुत्र है या पोता है या परपोता है तो आप किसी दुसरे लड़के को गोद नहीं ले सकते है | साथ ही गोद लेने वाले व्यक्ति और गोद लिए जाने वाले बच्चे के बीच कम से कम 21 वर्ष का अंतर होना जरुरी है |

      हिंदु गोद लेना और रखरखाव अधिनियम, 1956


      16.   तलाक निम्न आधारों पर लिया जा सकता है हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत कोई भी पति या पत्नी कोर्ट मे तलाक के लिए अर्जी डे सकता है | व्यभिचार, शारीरिक व् मानसिक प्रतारना, नापुसकता, बिना बताए छोड़कर जाना, हिंदु धर्म छोड़कर कोई और धर्म अपनाना, पागलपन, लाइलाज बिमारी, वैराग्य लेने और सात साल तक कोई अता पता न होने के आधार पर तलाक की अर्जी दाखिल की जा सकती है |

      हिंदु मैरिज एक्ट की धारा 13


       17.   एक गंभीर अपराध के मामले मे मजिस्ट्रेट से लिखित आदेश प्राप्त होने पर ही एक पुरुष पुलिस कर्मी किसी महिला को गिरफ्तार कर सकता है |

       दंड प्रकिया संहिता, 1973



आशा करता हूं दोस्तों आप सब को हमारा यह लेख जरूर पसंद आया होगा और ऐसे ही रोचक और ज्ञान की बातों के बारे में जानने के लिए आप सब बने रहिए अपने ही Gyanireader..“संपूर्ण ज्ञान का एक उत्तम संगम” के साथ !

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Note :

 अगर आपके पास इस लेख से related नये या फिर कोई और भी जानकारी है तो आप सब हमें कमेन्ट के माध्यम से जरुर भेजे अच्छे लगने पर हम उसे इस लेख मे अवश्य शामिल करेगे !
                                                                                         

                                                                                             धन्यवाद’..!



2 comments:
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  1. बहुत ही सराहनीय पहल है ,जो भ्रष्टाचार को कम करने में सहायक सिद्ध होगा ।। इस तरह की जानकारियां निचले स्तर तक पहुँचती है तो अधिक लाभदायक होगा ।।।। धन्यवाद जी

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